
मथुरा की पवित्र ब्रजभूमि में उस समय एक अद्वितीय आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जब परम श्रद्धेय संत श्री प्रेमानंद जी महाराज ने दाऊजी महाराज के पावन दर्शन किए। इस शुभ अवसर पर सम्पूर्ण गोकुल नगरी भक्ति और आनंद के सागर में डूब गई। जैसे ही भक्तों को ज्ञात हुआ कि महाराज श्री दाऊजी के दर्शन हेतु पधारे हैं, मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। वातावरण “जय दाऊजी महाराज” और “प्रेमानंद जी महाराज की जय” के जयघोषों से गूंज उठा।महाराज श्री ने दाऊजी महाराज के समक्ष गहन ध्यान और आराधना की। उनके मुखमंडल से झलकता तेज, करुणा और शांति ने उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शन के पश्चात अपने आशीर्वचन में महाराज श्री ने कहा —“दाऊजी महाराज केवल बल और भक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि करुणा, संतुलन और प्रेम का जीवंत स्वरूप हैं। जो उनके चरणों में समर्पित होता है, वह जीवन में सच्चा आनंद और शांति प्राप्त करता है।”पूरे मंदिर परिसर में दिव्यता और भक्ति का माहौल छा गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर महाराज श्री का स्वागत किया और चरणस्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अनेक भक्तों ने भावविभोर होकर कहा कि आज उन्होंने वास्तव में ब्रजधाम की आत्मा को साक्षात अनुभव किया।दाऊजी महाराज के पावन चरणों में प्रेमानंद जी महाराज का आगमन ब्रज की आध्यात्मिक परंपरा में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया। यह दिन केवल दर्शन का नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के मिलन का उत्सव बनकर सदा स्मरणीय रहेगा।
